Major Navya Shekhawat: राष्ट्रपति की पहली महिला Army ADC बनीं Rajasthan की ये बेटी, जानिए गांव से Rashtrapati Bhavan तक का सफर
सीकर के केरपुरा गांव की मेजर नव्या शेखावत ने इतिहास रचते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ADC बनने वाली पहली महिला भारतीय सेना अधिकारी का गौरव हासिल किया है।
जीवीआई नेटवर्क। सीकर की बेटी मेजर नव्या शेखावत भारतीय सेना की पहली महिला अधिकारी बनी हैं, जिन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के Aide-de-Camp (ADC) के रूप में नियुक्त किया गया है। सैन्य परिवार की तीसरी पीढ़ी की नव्या ने CDS परीक्षा से लेकर राष्ट्रपति भवन तक का सफर मेहनत, अनुशासन और सैन्य परंपरा के साथ तय किया।
राजस्थान के सीकर जिले के एक छोटे से गांव केरपुरा से निकलकर राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने वाली मेजर नव्या शेखावत इन दिनों चर्चा में हैं। भारतीय सेना की अधिकारी नव्या शेखावत ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की Aide-de-Camp (ADC) के रूप में नियुक्त होकर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। वह भारतीय सेना से राष्ट्रपति की ADC बनने वाली पहली महिला अधिकारी हैं।
उनकी यह उपलब्धि केवल उनके सैन्य करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव नहीं है, बल्कि राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्र से आने वाली युवतियों के लिए भी प्रेरणादायक कहानी बनकर सामने आई है।
सीकर के केरपुरा गांव से राष्ट्रपति भवन तक का सफर

मेजर नव्या शेखावत मूल रूप से सीकर जिले के खंडेला क्षेत्र के केरपुरा गांव की रहने वाली हैं। उनका परिवार सैन्य पृष्ठभूमि से जुड़ा है और वह परिवार की तीसरी पीढ़ी हैं, जिन्होंने सैन्य सेवा को चुना। उनके दादा सेवानिवृत्त विंग कमांडर भंवर सिंह शेखावत भारतीय वायुसेना में रहे हैं, जबकि उनके पिता ग्रुप कैप्टन करण सिंह शेखावत भारतीय वायुसेना में सेवाएं दे रहे हैं।
बचपन से ही सैन्य माहौल देखने वाली नव्या ने भी देशसेवा को अपने करियर के रूप में चुना। उनकी कहानी इस बात का उदाहरण है कि पारिवारिक परंपरा प्रेरणा दे सकती है, लेकिन उस परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए अपनी मेहनत और योग्यता भी जरूरी होती है।
CDS में हासिल की शानदार रैंक
मेजर नव्या शेखावत ने UPSC Combined Defence Services (CDS) परीक्षा के जरिए भारतीय सेना में प्रवेश किया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने CDS में महिला वर्ग में ऑल इंडिया सातवीं रैंक हासिल की और राजस्थान में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके बाद उनका चयन Officers Training Academy (OTA), चेन्नई के Short Service Commission Women Non-Technical Course के लिए हुआ।
OTA, चेन्नई में सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वह वर्ष 2021 में भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में शामिल हुईं। उन्हें Army Service Corps में कमीशन मिला। यह कोर सेना की लॉजिस्टिक्स और सप्लाई व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इसके बाद नव्या ने अपने सैन्य करियर में लगातार आगे बढ़ते हुए लगभग पांच वर्षों में मेजर रैंक हासिल की।
राष्ट्रपति की ADC की जिम्मेदारी क्या होती है?
Aide-de-Camp यानी ADC राष्ट्रपति के साथ काम करने वाले सैन्य अधिकारियों में शामिल होते हैं। यह भूमिका केवल औपचारिक या ceremonial duty तक सीमित नहीं होती। ADC राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यक्रमों, समारोहों और प्रोटोकॉल से जुड़े कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति के ADC दल में सामान्यतः पांच सैन्य अधिकारी होते हैं—थल सेना से तीन तथा नौसेना और वायुसेना से एक-एक अधिकारी। ADC राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों के बीच संपर्क, आधिकारिक कार्यक्रमों में सैन्य प्रोटोकॉल और विभिन्न औपचारिक दायित्वों में सहायता करते हैं।
ऐसे महत्वपूर्ण पद पर मेजर नव्या शेखावत की नियुक्ति इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि वह भारतीय थल सेना से इस जिम्मेदारी को संभालने वाली पहली महिला अधिकारी बनी हैं।
राष्ट्रपति की महिला ADC बनने वाली दूसरी महिला अधिकारी

मेजर नव्या शेखावत राष्ट्रपति की ADC बनने वाली पहली महिला Army officer हैं, लेकिन वह इस पद तक पहुंचने वाली पहली महिला अधिकारी नहीं हैं।
वर्ष 2025 में भारतीय नौसेना की Lieutenant Commander Yashasvi Solanki राष्ट्रपति की ADC बनने वाली पहली महिला अधिकारी बनी थीं। नव्या शेखावत की नियुक्ति के साथ यह उपलब्धि अब भारतीय सेना में भी दर्ज हुई है।
इस तरह नव्या का नाम भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से जुड़ी इस यात्रा की एक नई कड़ी बन गया है।
गांव से राष्ट्रपति भवन तक पहुंची बेटी
नव्या शेखावत की कहानी का सबसे भावनात्मक पक्ष उनका गांव से जुड़ाव है। NDTV से बातचीत में उनके दादा ने उनकी उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए उनके बचपन और सैन्य सेवा के प्रति उनके जुनून से जुड़े किस्से साझा किए। रिपोर्ट के अनुसार, नव्या अपने गांव से जुड़ी रही हैं और समय-समय पर वहां आती रही हैं।
आज केरपुरा जैसे छोटे से गांव का नाम राष्ट्रपति भवन से जुड़ी इस उपलब्धि के कारण देशभर में चर्चा में है।
युवाओं के लिए क्या है नव्या शेखावत की कहानी का संदेश?
मेजर नव्या शेखावत का सफर CDS परीक्षा, OTA प्रशिक्षण, भारतीय सेना में कमीशन, लेफ्टिनेंट से मेजर तक की पदोन्नति और फिर राष्ट्रपति की ADC नियुक्ति तक पहुंचता है। यह यात्रा बताती है कि बड़े अवसर अक्सर लंबे अनुशासन और निरंतर तैयारी के बाद आते हैं।
उनकी उपलब्धि खास तौर पर उन युवतियों के लिए प्रेरक है जो Defence Services को करियर के रूप में देख रही हैं। राजस्थान के एक गांव से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद से जुड़े सैन्य दायित्व तक पहुंचना उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक milestone भी है।