Udaipur के मेयर बने पारस सिंघवी, जीत के बाद हुए भावुक, फूट-फूटकर रोने लगे, आखिर क्यों छलके आंसू?
Madhulika Singh September 21, 20265:10 pm29 views
उदयपुर नगर निगम के 7वें बोर्ड को नया मेयर मिल गया है। भाजपा के पारस सिंघवी ने 55 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। परिणाम घोषित होने और मेयर बनने के बाद सिंघवी भावुक हो गए और फूट-फूटकर रोने लगे। इस भावुक पल ने सभी का ध्यान खींचा। आखिर जीत के बाद पारस सिंघवी क्यों रो पड़े?
जीवीआई नेटवर्क। Udaipur Nagarnigam को सोमवार को अपना नया महापौर मिल गया। भाजपा के पारस सिंघवी नगर निगम के 7वें बोर्ड के मेयर निर्वाचित हुए हैं। नगर निगम सभागार में सुबह हुए मतदान के बाद दोपहर 2 बजे से पहले ही मतगणना पूरी कर परिणाम घोषित कर दिया गया। सिंघवी को 55 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी पूनम कुंवर राठौड़ को 25 वोट मिले। सभी 80 पार्षदों ने मतदान किया।
मेयर पद के लिए बहुमत का आंकड़ा 41 वोट था। इस तरह पारस सिंघवी ने बहुमत से 14 वोट अधिक हासिल किए। परिणाम घोषित होने के बाद उन्होंने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष मेयर पद की शपथ ली।
भाजपा के नवनिर्वाचित मेयर पारस सिंघवी जीत की घोषणा के बाद भावुक हो गए। निर्वाचन परिणाम सामने आते ही वे फूट-फूटकर रोने लगे और भाजपा शहर जिला अध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ के गले लग गए। कुछ देर तक दोनों के बीच भावुक पल देखने को मिला।खास बात यह रही कि पारस सिंघवी मेयर पद का उम्मीदवार बनाए जाने के समय भी भावुक हो गए थे और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े थे। अब मेयर का चुनाव जीतने के बाद एक बार फिर उनकी भावनाएं छलक उठीं। उम्मीदवार बनाए जाने से लेकर मेयर बनने तक का यह सफर उनके लिए भावुक कर देने वाला रहा।
भाजपा को मिले 53 पार्षदों के साथ दो निर्दलीय वोट
उदयपुर नगर निगम में भाजपा के 53 पार्षद हैं। मेयर चुनाव में सिंघवी को भाजपा के 53 पार्षदों के अलावा दो निर्दलीय पार्षदों का समर्थन मिला। वहीं कांग्रेस की पूनम कुंवर राठौड़ को कांग्रेस के 23 पार्षदों के साथ एक माकपा और एक निर्दलीय पार्षद का वोट मिला। इस तरह 55-25 के परिणाम से सिंघवी ने 30 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
बाड़ेबंदी के बीच नगर निगम पहुंचे पार्षद
मेयर चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने पार्षदों को बाड़ेबंदी में रखा था। मतदान के दिन दोनों दल अपने-अपने पार्षदों को नगर निगम लेकर पहुंचे। मतदान स्थल पर सुरक्षा के भी इंतजाम किए गए थे।
भाजपा के पार्षदों को मतदान से पहले चुनाव की प्रक्रिया और बैलेट पेपर से वोटिंग के संबंध में जानकारी दी गई थी। भाजपा की ओर से क्रॉस वोटिंग की किसी भी संभावना को रोकने के लिए पार्षदों को एकजुट रखा गया था।
निर्दलीय और माकपा पार्षदों के रुख पर थी नजर
मेयर चुनाव से पहले निर्दलीय और माकपा पार्षदों का रुख महत्वपूर्ण माना जा रहा था। माकपा पार्षद ने कांग्रेस प्रत्याशी पूनम कुंवर के समर्थन की घोषणा की थी, जबकि निर्दलीय पार्षद कमलेश बोराणा के भाजपा के साथ जाने की बात सामने आई थी।
मतदान के बाद परिणाम में भाजपा को दो अतिरिक्त वोट मिले और पारस सिंघवी 55 वोट के साथ मेयर निर्वाचित हुए।
अब उपमहापौर चुनाव पर नजर
मेयर चुनाव का परिणाम आने के बाद अब उपमहापौर पद के चुनाव पर नजर है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उपमहापौर का चुनाव 22 सितंबर को होना है। भाजपा की ओर से दिनेश भट्ट का नाम चर्चा में है, जबकि कांग्रेस की ओर से लक्ष्मी नारायण मेघवाल का नाम सामने आया है। इन नामों की अंतिम स्थिति नामांकन प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगी।
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Madhulika Singh
Madhulika Singh has been actively involved in journalism for nearly 21 years. She began her journalistic career with Udaipur-based evening daily Aprahan Times. Soon after, she was selected by Dainik Bhaskar and served with its Jodhpur edition for three years.
She then joined Rajasthan Patrika in Udaipur, where she worked for nearly 17 years. Her long association with the organisation came to an end in 2025.
Madhulika is now working as an independent journalist. She also contributes to Lakecity Update and Rajasthan Today, continuing her work in journalism with a focus on meaningful, credible and people-centric stories.
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